बच्चो से सम्बंधित रोगो की होम्योपैथिक डेली टिप्स

A- अगर बच्चे को दस्त डायरिया या पेचिश हो गया है । लक्षण – शुरू में तेज बुखार तथा बार बार पानी पीना चाहता है लेकिन एक या दो घूंट ही पी पाता है । बेचैन और सुस्त है एक जगह लेटा है और कमज़ोर हो गया है सर ज्यादा गर्म है और ठण्ड लग रही है । बार बार थोड़ा थोड़ा मल जलन के साथ आ रहा है, मल हरा पीला घिनोना और बदबूदार, पीला बलगम से सना हुआ मल । टेस्ट करवाने पर पस सेल्स दिखें। अल्सर या इन्फेक्शन । बच्चे के मल का रास्ता लाल हो गया है । पेट में जलन वाला दर्द भी है । और कोई भी दवाई आराम नहीं कर रही है । इसकी रामबाण दवा Arsenicum Album 30C है । देने का तरीका – दिन में 3 बार दो दो बुँदे जीभ पर डालनी है याद रहे कि खाने से एक घंटा पहले या खाने के के एक घंटा बाद ।

1- अगर बच्चा 6 माह से ऊपर है और ग्रोथ नहीं करता और एक्टिव नहीं है सिर्फ रोता रहता है तो उसको लूकोपोडियम 3०, दिन में एक बार 15 दिन तक देना चाहिए। उसके बाद कभी कभी 3 या 4 दिन के अंतर पर दे।

2- बच्चा 6 महीने से छोटा है या बड़ा है और पेट मे गैस बनती है और रोता रहता है ठीक से सोता नही है। सोते समय नाक से आवाज आती है। चेहरे में चमक नही है तो nuxvomica 30C दिन में एक बार एक हफ्ते के लिए दे । और एक हफ्ते बाद कभी कभी दे। बच्चा स्वस्थ रहेगा।

3- अगर बच्चा समय से नही बोल पाता है। तो इसकी सबसे अच्छी दवा है काली फोस 6X दिन में 2 दो बार।

4- अगर बच्चे को जुखाम है और छाती से खरड़ खरड़ की आवाज भी आ रही है और साथ मे हल्का बुखार भी है तो बच्चे को फेरम फोस 6X दिन में तीन चार बार 2 – 2 गोली देंने से ठीक हो जाता है । नेबुलाइज की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

5- एक साल से ऊपर के बच्चे जो लंबाई में ठीक होते है लेकिन शरीर मे चौड़ाई नही होती है ।दुबले पतले होते है । पेट मे कब्ज रहती है प्रयास करने पर भी मल आसानी से बाहर नही आता है . ऐसे बच्चो को Silicea 30 दी जाती है .।

6- एक साल से उपर के कुछ बच्चो में देख गया है कि उनका मल कठोर होता तथा 2 – 3 दिन बाद पेट साफ होता है मल को बाहर निकलने में बड़ी परेशानी होती है । इस तरह की परेशानी में Bryonia 30C का इस्तेमाल फायदेमंद होता है ।